सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

 आज की सुबह लग रही कितनी प्यारी है

सुनहरी धूप बिखरी क्यारी क्यारी है,

दिसंबर की ठंड भी सूरज की किरणों से हारी है,

चिड़ियों की बोली भी कह रही कहानी है 

इस सर्दी में कितना अच्छा लग रहा

ये गर्म पानी है,

वाहनों का शोर भी लग रहा

 जैसे कोई संगीत है ,

न जाने दिल क्यों आज इतना खुश है      

धड़कने गा रही जैसे कोई गीत है।





टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

हमने देखा

 पल भर में हमने किस्मत को बदलते देखा।    कल तक खुशियों से आबाद                                        थी जिसकी दुनिया, आज उसकी दुनियां को हमने उजड़ते देखा।        पल भर में हमने किस्मत को                                       बदलते देखा।।            कल तक जो सुहागन थी,                                                                       उसकी मांग का सिंदूर                                  हमने बिखरते देखा।   पल भर में हमने किस्मत को बदलते देखा।। ...

सपना

 आज हमने एक पवित्र आत्मा को देखा,                                 उससे मिलकर लगा, उसके रूप में परमात्मा             ‌                                को देखा। ना बंगला, ना बड़ी गाड़ी, ना ढेर सारा पैसा,                                         पर था वो बिल्कुल फरिश्ते जैसा। ना थी फिक्र जिसे समाज और अपनी खुशियों की,                     उसे थी फिक्र सिर्फ उस औरत की खुशियों                                                         की। हालात और समाज ने, ला खड़ा किया था जिसे सड़क    ...

अनोखा प्यार

                     ऑफिस बन्द हो गया था सब अपने - अपने घर जाने की जल्दी में आपस में बातें करते हुए बाहर निकल रहे थे, इस भीड़ में शांत सी दिखती शिया बाहर निकली, उसके चेहरे को देख कर साफ़ पता चल रहा था कि वो अपने मन में दुखों का कितना बड़ा समंदर समेटे हुए थी । अभी वो बाहर निकली ही थी कि, किसी की आवाज आई शिया ..वो चौंक कर पीछे मुड़ी सामने राघव खड़ा था , राघव और शिया कॉलेज में साथ पढ़ते थे, पांच दोस्तों का ग्रुप था उनका, कॉलेज ख़तम होने के बाद आज उन लोगों की मुलाकात हुई थी। थोड़ी सी बातें करने के बाद राघव ने कहा चलो घर चलते है में तुम्हे घर छोंड़ देता हूं।                                  राघव  भी उस तरफ ही जा रहा था। रास्ते में  राघव ने कई बार शिया से पूछा कि सब ठीक तो है ना क्योंकि शिया को देखकर उसे लग रहा कि वो बहुत परेशान है , जो लड़की हर समय बोलती रहती थी कितना खुशमिजाज थी वो आज बिल्कुल चुप थी, लेकिन हर बार शिया ने सब ठीक है कहकर उस...