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दोस्ती एक अहसास

 

           याद करके जिसको भूल जाएं सारे गम,                                    कभी उस दोस्त की दोस्ती न हो कम।

                    दोस्ती एक अहसास है,                                                       जो रहता हमेशा साथ है। 

                    दोस्ती होती है एक बार,                                                       चाहे मिलें लोग हजार। 

            नही टूटती कभी दोस्ती होती है अमर,                                      बीत जाती है जिसमें सारी उमर।

               भूल भी जाए दोस्त तो क्या हुआ,                                         दिल से निकलती है उसके लिए दुआ। 

        न हो दोस्त साथ तो उसका एहसास बाकी होता है,                   कभी तो दोस्त याद करेगा ये आस बाकी होता है।।

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