सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

औरत तेरी यही कहानी

 
औरत तेरी यही कहानी ,
अपने घर में रानी,
ससुराल में नौकरानी।

मां कहती थी बिटिया रानी ,
सासू मां कहती है महारानी ।

जानवर में और तुझमें कुछ तो है फर्क ,
वो रहता है फिर भी सुकून से,
तेरी जिंदगी तो है नर्क ।

पूजा करो पति कि वो है परमेश्वर,
क्या इस दुनियां में कहीं नहीं है ईश्वर ,
भेज दिया जिन्होंने तुझे इस दुनियां में लक्ष्मी बनाकर,
क्या वो अब नहीं देखते ,
तेरे पति तुझे रोज जानवरों की तरह पीटते ।

वो भी कहते हैं जाकर मर जा कलंकिनी ,
जिनकी है तू जीवन संगिनी ।

सासू मां कहती हैं कि तू है मनहूस ,
क्योंकि उन्हें नहीं मिली है दहेज रूपी घूस ।

किस्मत लिखवाते समय क्या तू रही थी सो ,
यही है अब तेरी किस्मत जिंदगी भर रो ।

बनने जा रही है तू मां ,
खुशियां नहीं अपनी खैर मना ,
बेटा हुआ तो तू है बहूूरानी ,
नहीं तो बेटी के साथ देनी होगी तुझे ,
अपनी जान की भी कुर्बानी ।

औरत तेरी यही कहानी ।।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सपना

 आज हमने एक पवित्र आत्मा को देखा,                                 उससे मिलकर लगा, उसके रूप में परमात्मा             ‌                                को देखा। ना बंगला, ना बड़ी गाड़ी, ना ढेर सारा पैसा,                                         पर था वो बिल्कुल फरिश्ते जैसा। ना थी फिक्र जिसे समाज और अपनी खुशियों की,                     उसे थी फिक्र सिर्फ उस औरत की खुशियों                                                         की। हालात और समाज ने, ला खड़ा किया था जिसे सड़क    ...

अपना जहां

          आओ बनाएं एक जहां इतना प्यारा,         प्यार ही प्यार हो जहां ढेर सारा।        सपनों सी सुंदर हो सबकी दुनियां,        बसती हों जिसमे सिर्फ खुशियां ही खुशियां।       ना हो कोई बंधन झूठी कसमों का,      ना हो कोई बोझ झूठी रस्मों का।      ना रहे किसी को किसी से कोई शिकवा गिला      बढ़ता रहे प्यार और चाहत का काफिला।      ना हो दिलों में झूठ का मैल,      ना खेले कोई प्यार का खेल।      बसता हो दिलों में सच,      फैलती रहे सच्चाई की बेल।     जो जिससे मिले प्यार से मिले,     ये जहां प्यार से प्यारा लगे।     समझे सभी सबको सपना,     पूरा हो जाए अपना सपना।     हो यह जहां इतना खूबसूरत,    सबको रहे सबकी जरूरत।    सब चाहें हमारे जहां में रहना,    इतने प्यारे जहां का क्या है कहना।    क्षमा, दया, प्यार, त...

दोस्त ( मित्र )

      एक दोस्त होने से जिंदगी कितनी खूबसूरत होती है,        हर किसी को एक दोस्त की जरूरत होती है।                 कितना पवित्र है दोस्त का रिश्ता,                 दोस्त होता है जैसे कोई फरिश्ता।        गंदा करना नही इस रिश्ते को,        धोखा देना नही दोस्त नाम के फरिश्ते को।               दोस्ती होती है जैसे पूजा,               इसके जैसा नही है नाता दूजा।       साथ देना और याद रखना दोस्त को हर हाल में,       चाहे मिलो भले ही उससे कई साल में।              कभी मत सोचना दोस्त लड़की है या लड़का,              इससे क्या है फर्क पड़ता।      रूठ जाए अगर दोस्त तो उसको मना लेना,      इतने प्यारे रिश्ते को ऐसे ही न भुला देना।       ...