सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

माता जी के मंत्र


         🙏 सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके                               शरण्ये त्रयंबके गौरी नारायणी नमोस्तुते🙏 

सभी प्रकार के मंगल को करने वाली शिव स्वरूपा देवी तुम है शरण ग्रहण करने योग्य हो, तीन नेत्रों वाली(भूत,भविष्य,और वर्तमान को देखने वाली) माता गौरी भगवान के सभी स्वरूपों के साथ आप जुड़ी हो हे माता जी आपको नमस्कार है🙏🙏🙏


         🙏 या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता                                 नमसतस्यै नमसतस्यै नमसतस्यै नमो नमः🙏

  जो देवी सभी मनुष्यों में शक्ति रूप में स्थित है उनको नमस्कार है उनको नमस्कार है उनको बारंबार नमस्कार है🙏🙏🙏

            


        🙏 ॐ जयंती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी                        दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोस्तुते🙏

जयंती, मंगला, काली, भद्रकाली, कपालिनी, दुर्गा, क्षमा, शिवा, धात्री, स्वाहा और स्वधा नामो को धारण करने वाली माता आपको नमस्कार है 🙏🙏🙏

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सपना

 आज हमने एक पवित्र आत्मा को देखा,                                 उससे मिलकर लगा, उसके रूप में परमात्मा             ‌                                को देखा। ना बंगला, ना बड़ी गाड़ी, ना ढेर सारा पैसा,                                         पर था वो बिल्कुल फरिश्ते जैसा। ना थी फिक्र जिसे समाज और अपनी खुशियों की,                     उसे थी फिक्र सिर्फ उस औरत की खुशियों                                                         की। हालात और समाज ने, ला खड़ा किया था जिसे सड़क    ...

छुपा हुआ दर्द

 यह शहर यहां के लोग और यह होटल जहां अकेले बैठ कर पूजा कॉफी पी रही थी सब उसके लिए अनजान थे। यहां पर वह किसी को नहीं जानती थी, क्योंकि पहली बार उसका इस शहर में आना हुआ था। लेकिन इन अनजान लोगों के बीच में एक जानी पहचानी आवाज पूजा को बार बार सुनाई देती, पूजा हर बार पलट कर इधर उधर देखती लेकिन उसकी कुछ समझ में नहीं आता कि आवाज किसकी थी। अपनी कॉफी ख़तम करने के बाद पूजा थोड़ी देर उसी जगह चुपचाप बैठ कर कुछ सोचती रही फिर वहां से उठ कर होटल के मैनेजर से कुछ बात की। मैनेजर से बात करने के बाद जैसे ही पूजा बाहर जाने के लिए पीछे मुड़ी , उसे फिर से वही आवाज सुनाई उसने देखा सामने प्रीती बैठी थी। पूजा कुछ बोलती उसके पहले ही प्रीती ने कहा पूजा... कैसी हो और यहां कैसे? पूजा और प्रीती एक साथ हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करती थी, दोनों एक दूसरे को जानती थी लेकिन दोनों में कोई ज्यादा अच्छी दोस्ती नहीं थी। इसलिए हॉस्टल छोड़ने के बाद दोनों कई सालों के बाद मिल रही थी।                                          ...

हिंदी शायरी

"उसका अहसास हर पल को खास कर देता है, वो एक जिंदगी के बीराने में भी बहार भर देता है "                     "  पत्थर न समझना इनको                     ये दीवारें भी बात करती हैं ,                      वफादार तो इतनी हैं कि                       कुछ भी बोल दो इनसे                ये राज को हमेशा राज रखती हैं "                         " न कोई स्वार्थ था, न कोई शर्त थी,              उसके दिल में एक प्यार भरी गर्त थी।      हम तो चले थे कि उस झील की गहराई नाप आएं,      लेकिन एक बार डूबे तो आज तक न निकल पाए।"                            "   ग...